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Rajya Sabha
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जनसाधारण के लिए सूचना

भारतीय संसद
राज्य सभा

जनसाधारण के लिए सूचना

किसी लोकतंत्र में संसद के समक्ष याचिका प्रस्तुत करने का अधिकार काफी पहले से रहा है और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए यह अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। राज्य सभा के नियमों में देश के सभी नागरिकों को निम्नलिखित के संबंध में राज्य सभा के समक्ष याचिका प्रस्तुत करने की अनुमति दी गई है:-
ऐसा विधेयक जो राज्य सभा में पुर:स्थापित किया गया हो या लम्बित हो
भारत सरकार से संबंधित जनसाधारण के हित का कोई विषय
(ऐसे मामलों को छोड़कर, जो न्यायालय में विचाराधीन हों या जिनके लिए केन्द्र सरकार द्वारा बनाए गए कानूनों, नियमों, विनियमों या उप-विधियों अथवा उसके प्राधिकार के अंतर्गत उपचार उपलब्ध हो)।
याचिकाएं नीचे दिए गए प्रपत्र में अंग्रेजी अथवा हिन्दी में प्रस्तुत की जाएं, जो याचिकाकर्ता द्वारा हस्ताक्षरित हों :-

सेवा में,
           राज्य सभा
--------------------------------------------------------------------------[यहां संक्षेप में याचिका देने वाले (वालों) का (के) नाम तथा पद
या विवरण यथा "क, ख तथा अन्य" या "---------------------- के निवासी" या   "-----------------नगरपालिका" आदि लिखिये] की याचिका दर्शाती है
­­­­________________________________ (यहां मामले का संक्षिप्त विवरण लिखिये) और तदनुसार आपका (आपके) याचिका देने वाला (वाले) प्रार्थना करता है (करते हैं) कि _______________________________________________________________
[यहां लिखिये कि "विधेयक के संबध में आगे कार्यवाही की जाये या न की जाये"या"आपके याचिका देने वाले (वालों)के मामले के लिए विधेयक
में विशेष उपबन्ध किया जाये"या राज्य सभा केसमक्ष विधेयक या विषय अथवा सामान्य लोक हित के विषय के संबंध में कोई अन्य समुचित प्रार्थना ]


याचिका देने वाला का नाम

पता

हस्ताक्षर या अंगूठे का निशान

 

 

 

 

_____________________________
उपस्थित करने वाले सदस्य के प्रतिहस्ताक्षर

राज्य सभा को भेजी जाने वाली याचिका या तो राज्य सभा के महासचिव, संसद भवन, नई दिल्ली को भेजी जाए अथवा किसी संसद सदस्य से
प्रतिहस्ताक्षरित करवाई जाए जो तत्पश्चात् उसे याचिकाकर्ता की ओर से राज्य सभा में प्रस्तुत करे।
याचिका समिति उसे भेजी गई प्रत्येक याचिका की जाँच करेगी। याचिका समिति की सिफारिशें राज्य सभा के समक्ष एक प्रतिवेदन के रूप में
प्रस्तुत की जाएंगी,जिसके बाद उनपर भारत सरकार के संबंधित मंत्रालय द्वारा विचार किया जाएगा। इस प्रक्रिया पर याचिका समिति निगरानी रखेगी।