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Rajya Sabha
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सभा पटल पर रखे गये पत्रों संबंधी समिति

212-ज. सभा पटल पर रखे गये पत्रों संबंधी समिति
(1) सभा पटल पर रखे गये पत्रों संबंधी एक समिति होगी।
 (2) मंत्री द्वारा पत्र राज्य सभा के समक्ष रख दिये जाने के पश्चात् समिति विचार करेगी कि -
 ( क ) क्या संविधान के उन उपबन्धों या संसद् के किसी अधिनियम अथवा किसी अन्य विधि, नियम या विनियम का अनुपालन हुआ है जिसके अनुसरण में पत्र को इस प्रकार रखा गया है  
 ( ख ) क्या पत्र को राज्य सभा के समक्ष रखने में कोई अनुचित विलंब हुआ है, और यदि हां, तो (त्) क्या इस प्रकार के विलम्ब के कारणों को स्पष्ट करने वाला एक विवरण भी पत्र के साथ-साथ राज्य सभा के समक्ष रखा गया है, और (त्त्) क्या वे कारण समाधानप्रद हैं  और
 ( ग ) क्या पत्र को राज्य सभा के समक्ष अंग्रेजी और हिन्दी दोनों में रखा गया है  और यदि नहीं, तो (त्) क्या पत्र को हिन्दी में न रखने के कारणों को स्पष्ट करने वाला एक विवरण भी पत्र के साथ-साथ राज्य सभा के समक्ष रखा गया है, और (त्त्) क्या वे कारण समाधानप्रद हैं।
 (3) समिति सभा पटल पर रखे गये पत्रों के संबंध में ऐसे अन्य कार्य भी करेगी जो इसे सभापति द्वारा समय-समय पर सौंपे जा सकेंगे।
212-ळा. गठन
(1) समिति में दस सदस्य होगे जो सभापति द्वारा नाम-निर्देशित किये जायेंगे।
 (2) उप-नियम (1) के अधीन नाम-निर्देशित समिति कोई नई समिति नाम-निर्देशित होने तक कार्य करती रहेगी।
 (3) समिति में आकस्मिक रूप से रिक्त हुए स्थानों की पूर्ति सभापति द्वारा की जायेगी।
212-ञ. समिति का अध्यक्ष
(1) समिति का अध्यक्ष समिति के सदस्यों में से सभापति द्वारा नियुक्त किया जायेगा :
परन्तु यदि उप-सभापति समिति का सदस्य हो तो उसे समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया जायेगा।
 (2) यदि समिति का अध्यक्ष किसी कारण से कार्य करने में असमर्थ हो तो सभापति उसी प्रकार से उसके स्थान पर समिति का एक अन्य अध्यक्ष नियुक्त कर सकेगा।
 (3) यदि समिति का अध्यक्ष किसी बैठक से अनुपस्थित रहे तो समिति किसी अन्य सदस्य को उस बैठक में समिति के अध्यक्ष के रूप में कार्य करने के लिये चुनेगी।
212-ट गणपूर्ति
(1) समिति की बैठक के लिए गणपूर्ति पांच से होगी।
(2) समिति का अध्यक्ष प्रथमत: मत नहीं देगा परन्तु किसी विषय पर मतों की संख्या समान होने की अवस्था में उसका मत निर्णायक होगा और वह उसका प्रयोग करेगा।

(1) यदि समिति अपने कर्त्तव्य पालन के लिए व्यक्तियों की उपस्थिति अथवा पत्र अथवा अभिलेख प्रस्तुत कराना आवश्यक समझे तो उसे ऐसा मार्ग अपनाने की शक्ति होगी :
परन्तु सरकार किसी प्रलेख को प्रस्तुत करने से इस आधार पर इंकार कर सकेगी कि उसका प्रकट किया जाना राज्य की सुरक्षा या हित के प्रतिकूल होगा।
(2) इस नियम के उपबन्धों के अधीन रहते हुए महासचिव द्वारा हस्ताक्षरित आदेश के द्वारा किसी साक्षी को आमंत्रित किया जा सकेगा और वह ऐसे प्रलेख प्रस्तुत करेगा जो समिति के उपयोग के लिये अपेक्षित हों।
 (3) यह समिति के स्वविवेक पर निर्भर करेगा कि वह अपने सामने दिये गये किसी साक्ष्य को गुप्त या गोपनीय माने।
212-ड.. प्रतिवेदन का उपस्थापन
 समिति का प्रतिवेदन राज्य सभा में समिति के अध्यक्ष द्वारा या उसकी अनुपस्थिति में समिति के किसी सदस्य द्वारा उपस्थित किया जायेगा।
212-ढ. प्रक्रिया का विनियमन
समिति सभा पटल पर रखे गये पत्रों की जांच से संबंधित सभी विषयों के बारे में अपनी प्रक्रिया स्वयं निर्धारित करेगी।
212-ण. रखे गये पत्रों के बारे में राज्य सभा में मामले उठाने पर प्रतिबंध

नियम 212 ( ज ) में उल्लिखित मामलों में से किसी मामले को उठाने का इच्छुक सदस्य उसके बारे में समिति से सम्पर्क करेगा और उसे राज्य