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Rajya Sabha
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आधे घंटे की चर्चा

60. आधे घंटे की चर्चा
(1) सभापति किसी भी दिन मध्याह्न पश्चात् 5 बजे से 5.30 बजे तक आधा घंटा पर्याप्त लोक महत्व के किसी ऐसे विषय पर चर्चा उठाने के लिए नियत करेगा जो हाल ही में राज्य सभा में किसी प्रश्न का विषय रह चुका हो और जिसके उत्तर का किसी तथ्यात्मक विषय के संबंध में विशदीकरण आवश्यक हो :
 परन्तु यदि उस दिन के लिये रखा गया अन्य कार्य मध्याह्न पश्चात् 5 बजे से पूर्व समाप्त हो जाये तो आधे घण्टे का समय ऐसे अन्य कार्य की समाप्ति के समय से आरम्भ होगा।
परन्तु यह और भी कि यदि सभापति की राय में ऐसी चर्चा आरम्भ करने के समय में परिवर्तन करना आवश्यक या सुविधाजनक हो तो वह ऐसा कर सकेगा।
 ( 2 ) जो सदस्य कोई विषय उठाना चाहे वह उस दिन से, जिस दिन कि वह उस
विषय को उठाना चाहता हो, तीन दिन पहले महासचिव को लिखित सूचना देगा और संक्षेप में उस बात या बातों का उल्लेख करेगा जिन्हें वह उठाना चाहता हो :
 परन्तु सूचना के साथ व्याख्यात्मक टिप्पणी होगी जिसमें उस विषय पर चर्चा उठाने के कारण दिये होंगे :
 परन्तु यह और भी कि सूचना का समर्थन कम से कम दो अन्य सदस्यों के हस्ताक्षरों से किया जायेगा :
परन्तु यह और भी कि सभापति संबंधित मंत्री की सहमति से सूचना की कालावधि से संबंधित आवश्यकता को हटा सकेगा।
( 3 ) सभापति यह निर्णय करेगा कि विषय चर्चा के हेतु रखे जाने के लिए पर्याप्त लोक महत्व का है या नहीं।
( 4 ) यदि दो से अधिक सूचनायें प्राप्त हुई हों और सभापति द्वारा ग्राह्य कर ली गई हों तो महासचिव दो सूचनायें निकालने के लिए लाटरी द्वारा निर्णय करेगा ओर सचनायें उस क्रम में रखी जायेंगी जिस समय-क्रम में वे प्राप्त हुई हों :
 परन्तु यदि किसी विशेष दिन चर्चा के लिये रखा गया कोई विषय उस दिन न निबटाया जाये तो वह किसी दूसरे दिन के लिये तब तक नहीं रखा जायेगा जब तक कि सदस्य ऐसा न चाहे और उस अवस्था में उसे अगले प्राप्य दिन के लिये लाटरी में सम्मिलित कर लिया जायेगा।
(5) राज्य सभा के सामने न तो कोई औपचारिक प्रस्ताव होगा और न मतदान होगा। जिस सदस्य ने सूचना दी हो वह संक्षिप्त वक्तव्य दे सकेगा और संबंधित मंत्री संक्षेप में उत्तर देगा। जिस सदस्य ने सभापति को पहले से सूचित कर दिया हो उसे किसी तथ्यात्मक विषय के और अध्कि विशदीकरण के प्रयोजन से प्रश्न पूछने की अनुज्ञा दी जा सकेगी :
परन्तु यदि सूचना देने वाला सदस्य अनुपस्थित हो तो कोई ऐसी सदस्य जिसने सूचना का समर्थन किया हो, सभापति की अनुज्ञा से चर्चा का सूत्रपात कर सकेगा।