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Rajya Sabha
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अध्याय 20क
सदस्य की गिरफ्तारी, निरोध आदि और रिहाई के संबंध में सभापति को सूचना

222क. सदस्य की गिरफ्तारी, निरोध आदि के संबंध में सूचना

जब किसी सदस्य को आपराधिक आरोप पर या आपराधिक अपराध के लिए गिरफ्तार किया जाता है अथवा किसी न्यायालय द्वारा कारावास का दंड दिया जाता है या किसी कार्यपालक आदेश के अधीन निरुद्ध किया जाता है तो सुपुर्दगीकार न्यायाधीश, मजिस्ट्रेट या कार्यपालक प्राधिकारी, यथास्थिति द्वितीय अनुसूची में उपवर्णित समुचित प्रपत्र में सदस्य की गिरफ्तारी, निरोध या दोषसिद्धि, यथास्थिति के कारणों और निरोध या कारावास के स्थान को दर्शाते हुए, तुरन्त इस तथ्य की सूचना सभापति को देगा।

222ख. सदस्य की रिहाई के संबंध में सूचना

जब किसी सदस्य को गिरफ्तार किया जायेगा और दोषसिद्धि के बाद अपील से लंबित रहने तक जमानत पर रिहा किया जायेगा या अन्यथा रिहा किया जायेगा, तो संबंधित प्राधिकारी द्वारा द्वितीय अनुसूची में उपवर्णित समुचित प्रपत्र में इस तथ्य की भी सूचना सभापति को दी जायेगी।

222ग. गिरफ्तारी, निरोध, रिहाई आदि से संबंधित संसूचना का निपटारा

सभापति जब उसे नियम 222-क या नियम 222-ख में उल्लिखित संसूचना प्राप्त हो जाये उसके बाद, यथाशक्य शीघ्र, उसे यदि सत्र चल रहा हो तो राज्य सभा में पढ़ेगा या यदि राज्य सभा का सत्र न चल रहा हो तो निदेश देगा कि उसे सदस्यों के सूचनार्थ संसदीय समाचार में प्रकाशित किया जाये:

परन्तु यह कि यदि या तो जमानत पर या अपील किये जाने पर उन्मोचन द्वारा किसी सदस्य की रिहाई की सूचना राज्य सभा को मूल गिरफ्तारी की सूचना दिये जाने से पूर्व प्राप्त होती है तो उसकी गिरफ्तारी या उसकी पश्चातवर्ती रिहाई अथवा उसके उन्मोचन का तथ्य सभापति द्वारा राज्य सभा को सूचित न किया जाये:

परन्तु यह और भी कि यदि सदस्य ने, राज्य सभा को उसकी रिहाई से अवगत किये जाने से पूर्व ही सभा में उपस्थित होना आरम्भ कर दिया है तो सभापति उसे सभा में पढ़ कर नहीं सुनायेगा। लेकिन निदेश दे सकेगा कि इसे सदस्यों के सूचनार्थ समाचार में प्रकाशित कर दिया जाये।