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Rajya Sabha
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अविलम्बनीय लोक महत्व के विषयों पर ध्यान दिलाना

180. अविलम्बनीय लोक महत्व के विषयों पर ध्यान दिलाना

(1) कोई सदस्य, सभापति की पूर्व अनुज्ञा से, अविलम्बनीय लोक महत्व के किसी विषय पर मंत्री का ध्यान दिला सकेगा और मंत्री संक्षिप्त वक्तव्य दे सकेगा या बाद के किसी समय या तिथि को वक्तव्य देने के लिए समय मांग सकेगा। परन्तु कोई भी सदस्य किसी एक बैठक के लिए ऐसी दो से अधिक सूचनाएं नहीं देगा।

(2) ऐसे वक्तव्य पर, जिस समय वह दिया जाये, कोई वाद-विवाद नहीं होगा।

(3) एक ही बैठक में एक से अधिक ऐसा विषय नहीं उठाया जायेगा।

(4) एक ही दिन के लिए एक से अधिक विषय उपस्थित किये जाने की स्थिति में उस विषय को पूर्ववर्तिता दी जायेगी, जो सभापति की राय में अधिक अविलम्बनीय और महत्व का हो।

(5) प्रस्थापित विषय प्रश्नों और यदि सभा पटल पर रखे जाने के लिए कोई पत्र हों तो उनके सभा पटल पर रखे जाने के बाद तथा कार्यावलि में दर्ज किसी अन्य मद के लिए जाने से पहले उठाया जायेगा और राज्य सभा की बैठक के दौरान अन्य किसी समय नहीं उठाया जायेगा।

लोक महत्व के विषयों का उल्लेख

विशेष उल्लेख

180 क. सूचना

जो सदस्य राज्य सभा में लोक महत्व के किसी विषय का उल्लेख करना चाहता है, वह विहित प्रपत्र में महासचिव को संबोधित लिखित में सूचना देगा परन्तु कोई भी सदस्य किसी एक बैठक के लिए ऐसी दो से अधिक सूचनाएं नहीं देगा।

180 ख. ग्राह्यता की शर्तें

कोई सूचना ग्राह्य हो सके, इसके लिए उसमें निम्नलिखित शर्तें पूरी की जायेंगी अर्थात्:-

 (त्) इसके साथ विशेष उल्लेख का पाठ, जो कि 250 शब्दों से अधिक न हो, संलग्न होगा  

(त्त्) वह किसी ऐसे विषय से संबंधित नहीं होगा जो मुख्यत: भारत सरकार का विषय न हो  

(त्त्त्) उसमें किसी ऐसे विषय का उल्लेख नहीं होगा जिस पर उसी सत्र में चर्चा हो चुकी हो अथवा जो सत्र के दौरान इस नियम के अधीन किसी सदस्य द्वारा पहले ही उठाये गए विषय के सारत: सदृश न हो  

(त्ध्) उसमें एक से अधिक मुद्दे को नहीं उठाया जाएगा और वह मुद्दा तुच्छ मामलों से संबंधित नहीं होगा  

(ध्) उसमें तर्क, अनुमान, व्यंग्यात्मक पद, अभ्यारोप, विशेषण या मानहानिकारक कथन नहीं होंगे  

(ध्त्) वह किसी ऐसे विषय से संबंधित नहीं होगा जो भारत के किसी भाग में क्षेत्राधिकार रखने वाले किसी न्यायालय के न्यानिर्णयाधीन हो  

(ध्त्त्) वह हाल की घटना से संबंधित होगा  

(ध्त्त्त्) उसमें संसदीय/सलाहकार समिति की कार्यवाहियों का उल्लेख नहीं किया जाएगा  

(त्न्) उसमें किसी व्यक्ति की सार्वजनिक हैसियत के अतिरिक्त उसके चरित्र या आचरण के बारे में उल्लेख नहीं किया जाएगा  और

(न्) उसमें किसी मित्र देश के प्रति अशिष्ट निर्देश नहीं होगा।

180 ग. सूचनाओं को सभा पटल पर रखने और उनकी वैधता के लिए समय

(1) किसी दिवस को म.प. 5.00 बजे तक प्राप्त सूचनाओं को सभापति के समक्ष उनके विचारार्थ उस दिवस के लिए प्रस्तुत किया जाएगा जिस दिन सभा की अगली बैठक है।

 (2) उन विषयों से संबंधित सूचनाओं, जिनहें किसी दिवस विशेष के लिए न चुना गया हो, को सभा की अगली बैठक के लिए सभापति के विचारार्थ प्रस्तुत किया जाएगा।

 (3) सप्ताह, जिनके लिए सूचनाओं को दिया गया था, के दौरान न चुनी गई सूचनाएं सप्ताह के अंत में व्यपगत हो जाएंगी और तत्संबंधी कोई जानकारी सूचना देने वाले सदस्य को नहीं दी जाएगा।

 (4) यदि संबंधित सदस्य चाहें, तो वह नई सूचना देकर आगामी सप्ताह के लिए अपनी सूचना को पुनरूज्जीवित कर सकेगा।

180 घ. विशेष उल्लेख की संख्या पर निर्बंधन

 (1) जब तक सभापति अन्यथा निदेश न दें तब तक कोई सदस्य सप्ताह के दौरान एक से अधिक विशेष उल्लेख नहीं करेगा  

(2) किसी दिवस के लिए ग्राह्य विशेष उल्लेखों की कुल संख्या सामान्यत: सात से अधिक नहीं होंगी।

180 ङ सदस्यों द्वारा सहबद्ध करना

कोई सदस्य जो स्वयं को किसी विशेष उल्लेख के साथ सहबद्ध करना चाहता है, वह सभापति की अनुज्ञा से यह कहते हुए ऐसा कर सकेगा &q

ot;मैं----------------द्वारा किए गए विशेष उल्लेख से स्वयं को सहबद्ध करता हूं&q

ot; और ऐसा सदस्य उस पर भाषण नहीं देगा।