मुख्य सामग्री पर जाएं | स्क्रीन रीडर का उपयोग
लिपि माप:  emailid emailid emailid emailid emailid
Rajya Sabha

संकल्प

154. सूचना

मंत्री के अतिरिक्त कोई सदस्य जो गैर-सरकारी सदस्यों के संकल्पों के लिए नियत दिन पर संकल्प उपस्थित करना चाहता हो, इस आशय की सूचना लाटरी निकालने की तिथि से कम से कम दो दिन पूर्व देगा। उन सभी सदस्यों के नामों की लाटरी निकाली जाएगी जिनसे इस प्रकार की सूचनायें प्राप्त होंगी और वे सदस्य, जो गैर-सरकारी सदस्यों के संकल्पों के लिए नियत दिन की लाटरी में पहले पांच स्थान प्राप्त कर लेंगे, लाटरी निकालने की तिथि से दस दिन के अंदर एक-एक संकल्प की सूचना देने के पात्र होंगे।

155. रूप

संकल्प, राज्य सभा द्वारा सम्मति की घोषणा के रूप में या ऐसे अन्य रूप में, जिसे सभापति समुचित समझे, होगा।

156. विषय

इन नियमों के उपबंधों के अधीन रहते हुए कोई भी सदस्य सामान्य लोक हित के किसी विषय के संबंध में संकल्प उपस्थित कर सकेगा।

157. ग्राह्यता

कोई संकल्प ग्राह्य हो सके, इसके लिए वह निम्नलिखित शर्तें पूरी करेगा, अर्थात:-

(1)  वह स्पष्टत: तथा यथार्थत: अभिव्यक्त किया जायेगा

(2)  उसमें सारवान रूप से एक निश्चित प्रश्न उठाया जायेगा  

(3)  उसमें तर्क, अनुज्ञान, व्यंग्यात्मक पद, अभ्यारोप या मानहानिकारक कथन नहीं होंगे  

(4)  उसमें व्यक्तियों के पदेन या सार्वजनिक हैसियत के अतिरिक्त उनके आचरण या चरित्र का निर्देश नहीं होगा  और

(5)  वह किसी ऐसे विषय से संबंधित नहीं होगा जो भारत के किसी भाग में क्षेत्राधिकार रखने वाले किसी न्यायालय के न्याय-निर्णयाधीन हो।

158. सभापति ग्राह्यता का निर्णय करेगा

सभापति किसी संकल्प की ग्राह्यता का निर्णय करेगा, और वह किसी संकल्प अथवा उसके किसी भाग को अस्वीकार कर सकेगा, जबकि वह उसकी राय में इन नियमों का पालन न करता हो।

159. संकल्प का उपस्थित किया जाना

(1)  कार्यावलि में जिस सदस्य के नाम में संकल्प हो, वह सिवाय उस दशा के जब वह उसे वापस लेना चाहता हो, पुकारे जाने पर संकल्प उपस्थित करेगा और उस अवस्था में वह कार्यावलि में दिये गये रूप में औपचारिक प्रस्ताव के साथ अपना भाषण प्रारम्भ करेगा।

(2) कोई सदस्य, सभापति की अनुज्ञा से किसी अन्य सदस्य को, जिसके नाम वहीं संकल्प कार्यावलि में नीचे दिया हुआ हो, उसे अपनी ओर से उपस्थित करने का प्राधिकार दे सकेगा और इस तरह प्राधिकृत सदस्य उसे तदनुसार उपस्थित कर सकेगा।

(3)  यदि मंत्री के अतिरिक्त कोई सदस्य, पुकारे जाने पर अनुपस्थित हो तो उसके द्वारा इस बारे में लिखित रूप में प्राधिकृत कोई अन्य सदस्य सभापति की अनुज्ञा से उसके नाम में रखा हुआ संकल्प उपस्थित कर सकेगा।

160.संशोधन

(1) संकल्प उपस्थित किये जाने के बाद कोई भी सदस्य, संकल्पों से संबंधित नियमों के अधीन रहते हुए, संकल्प में संशोधन उपस्थित कर सकेगा।

(2)  यदि ऐसे संशोधन की सूचना उस दिन से एक दिन पूर्व न दी गई हो जिस दिन कि संकल्प उपस्थित किया जाये, तो कोई भी सदस्य संशोधन के उपस्थित किये जाने पर आपत्ति कर सकेगा, और जब तक सभापति संशोधन उपस्थित किये जाने की अनुमति न दे दें तब तक ऐसी आपत्ति अभिभावी होगी।

(3)  यदि समय हो तो महासचिव सदस्यों को समय समय पर उन संशोधनों की सूची उपलब्ध करायेगा जिनकी सूचनायें दी गई हों।

161. भाषणों के लिए समय सीमा

किसी संकल्प पर भाषण की अवधि, सभापति की अनुज्ञा के बिना, पन्द्रह मिनट से अधिक नहीं होगी:

परन्तु संकल्प का प्रस्तावक उसे उपस्थित करते समय और सम्बन्धित मंत्री प्रथम बार भाषण देते समय तीस मिनट तक या उससे इतने अधिक समय तक, जितने कि सभापति अनुज्ञा दे, भाषण दे सकेगा।

162. चर्चा की परिधि

किसी संकल्प पर चर्चा संकल्प से सर्वथा संगत और उसकी परिधि के भीतर होगी।

163. संकल्प का वापस लिया जाना

(1)  कार्यावलि में जिस सदस्य के नाम में कोई संकल्प हो, वह पुकारे जाने पर, संकल्प वापस ले सकेगा और उस अवस्था में अपने आपको उस आशय के कथन मात्र तक ही सीमित रखेगा।

(2)  जिस सदस्य ने कोई संकल्प या संकल्प में संशोधन उपस्थित किया हो वह उसे राज्य सभा की अनुमति के बिना वापस नहीं लेगा।

(3)  यदि किसी संकल्प पर, जो ग्रहण किया गया हो, सत्र के दौरान चर्चा न हुई हो तो वह वापस लिया गया समझा जायेगा।

164. संकल्प का विभाजन

जब किसी ऐसे संकल्प पर जिसमें अनेक पद अंतर्ग्रस्त हो, चर्चा हो चुकी हो तो सभापति संकल्प को विभाजित कर सकेगा और प्रत्येक पद या किसी पद पर अलग अलग मत ले सकेगा, जैसा वह ठीक समझे ।

165. संकल्प की पुनरावृत्ति

(1) जब कोई संकल्प उपस्थित किया गया हो तो सारवान रूप से उसी विषय को उठाने वाला कोई संकल्प या संशोधन पूर्व संकल्प उपस्थित करने की तिथि से एक वर्ष के भीतर उपस्थित नहीं किया जायेगा।

(2) जब कोई संकल्प राज्य सभा की अनुमति से वापस ले लिया गया हो तो सारवान रूप से उसी विषय को उठाने वाला कोई संकल्प उसी सत्र के दौरान उपस्थित नहीं किया जायेगा।

166. पारित संकल्प की प्रति मंत्री के पास भेजी जायेगी

प्रत्येक संकल्प की, जिसे राज्य सभा सभा ने पारित किया हो, एक प्रति संबंधित मंत्री के पास भेजी जायेगी।