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Rajya Sabha
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विभाग संबंधित संसदीय स्थायी समितियों संबंधी नियम
(राज्य सभा के प्रक्रिया तथा कार्य-संचालन नियम से उद्धृत)

268. विभागों से संबंधित स्थायी समितियां

(1) सभाओं की मंत्रालयों/विभागों से संबंधित संसदीय स्थायी समितियां होंगी   ( इन्हें स्थायी समितियां कहा जायेगा ) ।

(2) प्रत्येक स्थायी समिति, तीसरी अनुसूची में यथा विनिर्दिष्ट, मंत्रालयों/विभागों से संबंधित होगी: -

 परन्तु यह तब जब कि सभापति तथा लोक सभा के अध्यक्ष ( इसमें इसके पश्चात् इन्हें अध्यक्ष कहा गया है ) एक दूसरे से परामर्श करके उक्त अनुसूची में समय-समय पर बदल कर सकेंगे।

269. गठन

  (1) नियम 268 के अधीन गठित प्रत्येक स्थायी समिति में 45 से अधिक सदस्य नहीं होंगे - राज्य सभा के सभापति द्वारा राज्य सभा के सदस्यों में से 15 सदस्यों को नामनिर्दिष्ट किया जायेगा और लोक सभा के अध्यक्ष द्वारा लोक सभा के सदस्यों में से 30 सदस्यों को नामनिर्दिष्ट किया जायेगा :  परन्तु यह तब जब कि मंत्री के रूप में नियुक्त किसी सदस्य को किसी समिति के सदस्य के रूप में नामनिर्दिष्ट नहीं किया जायेगा या वह किसी समिति का सदस्य नहीं बना रहेगा।

  (2) तीसरी अनुसूची के भाग (क्ष्) में विनिर्दिष्ट प्रत्येक समिति का अध्यक्ष, राज्य सभा के सभापति द्वारा संबंधित समितियों के सदस्यों में से नियुक्त किया जायेगा तथा उक्त अनुसूची के भाग (क्ष्क्ष्) में विनिर्दिष्ट प्रत्येक समिति का अध्यक्ष तत्समान लोक सभा के अध्यक्ष द्वारा नियुक्त किया जायेगा।

  (3) समिति के सदस्य का कार्यकाल एक वर्ष से अधिक नहीं होगा।

270. कृत्य

 प्रत्येक स्थायी समिति के कृत्य निम्नानुसार होंगे अर्थात्: -

  ( क ) संबंधित मंत्रालयों/विभागों की अनुदान मांगों पर विचार करना और उन पर प्रतिवेदन प्रस्तुत करना। प्रतिवेदन में कटौती प्रस्तावों की प्रकृति जैसे किसी प्रस्ताव का सुझाव नहीं होगा 

  ( ख ) संबंधित मंत्रालयों/विभागों से संबंधित ऐसे विधेयकों की जांच करना जो, यथास्थिति, सभापति या अध्यक्ष द्वारा समिति को सौंपे गए हैं और उन पर प्रतिवेदन प्रस्तुत करना   

  ( ग ) मंत्रालयों/विभागों के वार्षिक प्रतिवेदनों पर विचार करना और उन पर प्रतिवेदन प्रस्तुत करना   और

  ( घ ) सभाओं में प्रस्तुत किये गये राष्ट्रीय आधारभूत दीर्घावधिक नीति संबंधी दस्तावेजों पर, यदि सभापति अथवा अध्यक्ष द्वारा, यथास्थिति, समिति को सौंपे गये हों, विचार करना और उन पर प्रतिवेदन प्रस्तुत करना     परन्तु यह तब जब कि स्थायी समितियां संबंधित मंत्रालयों/विभागों के दैनन्दिन प्रशासन से संबंधित मामलों पर विचार नहीं करेंगी।

271. कृत्यों से संबंधित उपबंधों का लागू होना

 नियम 270 में यथा-उपबंधित स्थायी समितियों का प्रत्येक कृत्य समितियों पर उस तारीख से लागू होगा जिस सभापति और अध्यक्ष द्वारा किसी कृत्य विशेष के लागू होने के संबंध में अधिसूचित किया जायेगा।

272. अनुदानों की मांगों से संबंधित प्रक्रिया

 सभाओं में बजट पर सामान्य चर्चा समाप्त होने के पश्चात् और सभाओं के एक निर्धारित अवधि के लिए स्थगित हो जाने पर प्रत्येक स्थायी समिति द्वारा अनुदानों की मांगों पर विचार करने और उन पर अपना प्रतिवेदन सभाओं में प्रस्तुत करने के लिए निम्नलिखित प्रक्रिया का अनुसरण किया जायेगा: -

  ( क ) समिति उपर्युक्त अवधि के दौरान संबंधित मंत्रालयों की अनुदानों की मांगों पर विचार करेगी   

  ( ख ) समिति अपना प्रतिवेदन विनिर्दिष्ट अवधि के भीतर तैयार करेगी   और

  ( ग ) प्रत्येक मंत्रालय की अनुदानों की मांगों के संबंध में पृथक प्रतिवेदन होगा।

273. विधेयकों से संबंधित प्रक्रिया

 प्रत्येक स्थायी समिति द्वारा विधेयक की जांच करने और उस पर प्रतिवेदन तैयार करने के लिए निम्नलिखित प्रक्रिया का अनुसरण किया जायेगा: -

  ( क ) समिति किसी भी सभा में पुर:स्थापित केवल ऐसे विधेयकों की जांच करेगी जिन्हें, यथास्थिति, सभापति अथवा अध्यक्ष द्वारा उसे सौंपा गया हो   और

  ( ख ) समिति ऐसे विधेयकों के सामान्य सिद्धान्तों और खण्डों पर विचार करेगी और उन पर, यथास्थिति, सभापति अथवा अध्यक्ष द्वारा विनिर्दिष्ट समय सीमा के भीतर अपना प्रतिवेदन तैयार करेगी।

274. समिति का प्रतिवेदन

  (1) स्थायी समिति का प्रतिवेदन व्यापक सहमति पर आधारित होगा।

  (2) समिति का कोई भी सदस्य समिति के प्रतिवेदन पर विसम्मति-टिप्पण अभिलिखित कर सकेगा।

  (3) समिति का प्रतिवेदन, विसम्मति-टिप्पण सहित, यदि कोई हो, दोनों सभाओं को प्रस्तुत किया जायेगा।

275. विधेयकों पर प्रवर समितियों से संबंधित नियमों का लागू होना

 अन्य मामलों में राज्य सभा में विधेयकों पर प्रवर समितियों से संबंधित नियम, तीसरी अनुसूची के भाग- क्ष् में विनिर्दिष्ट स्थायी समितियों पर आवश्यक परिवर्तन सहित, लागू होंगे तथा सभा में अन्य संसदीय समितियों पर लागू होने वाले सामान्य नियम, उक्त अनुसूची के भाग- क्ष्क्ष् में विनिर्दिष्ट स्थायी समितियों पर लागू होंगे।

276. विचार न किए जाने वाले विषय

 कोई भी स्थायी समिति किसी अन्य संसदीय समिति के क्षेत्राधिकार के अधीन आने वाले विषयों पर सामान्यतया विचार नहीं करेगी।

277. प्रतिवेदनों का सुझावात्मक महत्व का होना

 स्थायी समिति का प्रतिवेदन सुझावात्मक महत्व का होगा और इसे समिति द्वारा विचारित सलाह के रूप में माना जाएगा।