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Rajya Sabha
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अल्पकालिक चर्चा

176. सूचना

कोई सदस्य जो अविलम्बनीय लोक महत्व के विषय पर चर्चा उठाने का इच्छुक हो, लिखित रूप में महासचिव को सूचना दे सकेगा और उठाये जाने वाले विषय का स्पष्टत: तथा यथार्थत: उल्लेख करेगा:

परन्तु सूचना के साथ संबंधित विषय पर चर्चा उठाने के कारण बताने वाला एक व्याख्यात्मक टिप्पण संलग्न होगा:

परन्तु यह और भी कि सूचना का समर्थन कम से कम दो, अन्य सदस्यों के हस्ताक्षरों से होगा।

177. सभापति ग्राह्यता का निर्णय करेगा

यदि सभापति का, सूचना देने वाले सदस्य से और मंत्री से ऐसी जानकारी मांगने के बाद जिसे वह आवश्यक समझे, समाधान हो जाए कि विषय अविलम्बनीय है और राज्य सभा में जल्दी ही किसी तिथि को उठाये जाने के लिए पर्याप्त लोक महत्व का है तो वह सूचना ग्रहण कर सकेगा और राज्य सभा के नेता के परामर्श से ऐसी तिथि निश्चित कर सकेगा जब ऐसा विषय चर्चा के लिये लिया जा सके और चर्चा के लिए उतने समय की अनुमति दे सकेगा जितना कि वह परिस्थितियों में उचित समझे और जो ढाई घंटे से अधिक न हो:

परन्तु यदि ऐसे विषय पर चर्चा के लिए अन्यथा जल्दी अवसर उपलब्ध हो तो सभापति सूचना ग्रहण करने से इन्कार कर सकेगा।

178. कोई औपचारिक प्रस्ताव नहीं रखा जायेगा

राज्य सभा के समक्ष न तो कोई औपचारिक प्रस्ताव होगा और न मतदान होगा। जिस सदस्य ने सूचना दी हो वह संक्षिप्त वक्तव्य दे सकेगा और मंत्री संक्षेप में उत्तर देगा। जिस सदस्य ने सभापति को पहले से सूचित कर दिया हो उसे चर्चा में भाग लेने की अनुज्ञा दी जा सकेगी।

179. भाषणों के लिए समय-सीमा

सभापति, यदि वह ठीक समझे, भाषणों के लिए समय-सीमा विहित कर सकेगा।